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हिंदी कैलेंडर

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15, आषाढ़
शुक्ल पक्ष, पूर्णिमा
2081 कालयुक्ति, विक्रम संवत
Delhi, India
21
जुलाई 2024
रविवार
जुलाई, 2024 कैलेंडर
रविवार
सोमवार
मंगलवार
बुधवार
गुरुवार
शुक्रवार
शनिवार
K एकादशी
योगिनी एकादशी मासिक कार्तिगाई
K द्वादशी
प्रदोष व्रत रोहिणी व्रत
K त्रयोदशी
मासिक शिवरात्रि
K अमावस्या
आषाढ़ अमावस्या दर्श अमावस्या
S प्रतिपदा
गुप्त नवरात्रि प्रारम्भ
S द्वितीया
चन्द्र दर्शन जगन्नाथ रथयात्रा
S तृतीया
अल-हिजरा इस्लामी नया साल
S तृतीया
विनायक चतुर्थी
S चतुर्थी
S पंचमी
स्कन्द षष्ठी
S सप्तमी
अष्टाह्निका विधान प्रारम्भ
S अष्टमी
मासिक दुर्गाष्टमी
S दशमी
कर्क संक्रान्ति
S एकादशी
देवशयनी एकादशी गौरी व्रत प्रारम्भ *गुजरात अशुरा का दिन मुहर्रम
S द्वादशी
वासुदेव द्वादशी प्रदोष व्रत जयापार्वती व्रत प्रारम्भ
S त्रयोदशी
S चतुर्दशी
चौमासी चौदस कोकिला व्रत *गुजरात
S पूर्णिमा
व्यास पूजा आषाढ़ पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा गौरी व्रत समाप्त *गुजरात पूर्णिमा उपवास अष्टाह्निका विधान पूर्ण
K प्रतिपदा
सावन प्रारम्भ *उत्तर श्रावण सोमवार व्रत *उत्तर
K द्वितीया
मंगला गौरी व्रत *उत्तर
K तृतीया
जयापार्वती व्रत समाप्त संकष्टी चतुर्थी
K सप्तमी
कालाष्टमी
K नवमी
श्रावण सोमवार व्रत *उत्तर
K दशमी
मंगला गौरी व्रत *उत्तर
K एकादशी
कामिका एकादशी रोहिणी व्रत
K द्वादशी
प्रदोष व्रत
K त्रयोदशी
सावन शिवरात्रि आदि पेरुक्कू
पंचक जुलाई, 2024
23-Jul 09:19 AM to 27-Jul 12:59 PM
गण्डमूल जुलाई, 2024
08-Jul 06:02 AM to 10-Jul 10:15 AM
18-Jul 03:12 AM to 20-Jul 02:55 AM
26-Jul 02:30 PM to 28-Jul 11:47 AM
भद्रा जुलाई, 2024
30-Jun 11:21 PM to 01-Jul 10:26 AM
04-Jul 05:54 AM to 04-Jul 05:23 PM
09-Jul 06:56 PM to 10-Jul 07:52 AM
13-Jul 03:05 PM to 14-Jul 04:18 AM
17-Jul 08:54 AM to 17-Jul 09:02 PM
20-Jul 05:59 PM to 21-Jul 04:56 AM
23-Jul 08:56 PM to 24-Jul 07:30 AM
23-Jul 08:57 PM to 24-Jul 07:30 AM
26-Jul 11:30 PM to 27-Jul 10:22 AM
30-Jul 05:17 AM to 30-Jul 04:45 PM
पंचांग जुलाई, 21 2024
सूर्योदय: 05:37:32 AM
सूर्यास्त: 07:19:50 PM
चंद्रोदय: 07:37:07 PM
चंद्रास्त: 04:59:20 AM
विक्रम सम्वत: 2081 कालयुक्ति
शक सम्वत:1946 क्रोधी
अमान्त महीना:आषाढ़
पूर्णिमान्त महीना:श्रावण
वार:रविवार
पक्ष: शुक्ल
तिथि: पूर्णिमा upto 03:46
नक्षत्र: उत्तराषाढा upto 12:14
योग: विष्कम्भ upto 09:10
करण:बव upto 03:46
सूर्य राशि:कर्क
चन्द्र राशि:धनु
राहुकाल:17:36 - 19:19
गुलिक काल:15:53 - 17:36
यमगण्ड:12:27 - 14:10
अभिजित मुहूर्त:12:00 to 12:00
दुर्मुहूर्त: 17:29 - 18:24
अमृत काल:18:15 - 19:44
वर्ज्य:03:55 - 05:24

हिंदी कैलेंडर

पौराणिक मान्यता के अनुसार ब्रह्माजी ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही सृष्टि की रचना शुरू की थी। इसी दिन भगवान विष्णु ने दशावतार में से पहला मत्स्य अवतार लेकर प्रलयकाल में अथाह जलराशि में से मनु की नौका को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था। प्रलयकाल समाप्त होने पर मनु से ही नई सृष्टि की शुरुआत हुई।

मासिक पंचांग का चलनप्राचीन काल से प्रमुख स्थान रहा है। कैलेंडर का सबसे प्रमुख उल्लेख वेदों में पाया गया है, जो कि, 1200 ईसा पू से हिंदू नैतिक प्रणाली का प्रमुख आधार है।हिंदू कैलेंडर को बनाने में तारों की सहायता ली गई और सूर्य व चंद्रमा की खगोलीय घटना का सहारा लिया गया। पंचांग के पांच अंगों को जमाया गया। जिसमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के जरिए खगोलीय पिंडों पर नजर रखी जाने लगी। आज खगोलीय घटना को देखने के लिए आकाश की ओर नजर उठाकर देखने की जरुरत नहीं है बल्कि पंचांग की गणनाओं को देखकर भी सबकुछ बताया जा सकता है।

चंद्रमा की गति से दिन और मास का निर्धारण होता है। वहीं सूर्य की गति से वर्ष का निर्धारण होता है। चंद्र मास और सौर वर्ष मिलकर एक विक्रम संवत् बनाते हैं। यह ना केवल तिथि की जानकारी देता है बल्कि यह भी तय करता है कि मौसम इस वर्ष था, ठीक एक वर्ष बाद किस दिन ठीक ऐसा ही मौसम रहेगा।

हमारे त्योहार, उत्सव और उपवास तक हिंदू कैलेंडर के अनुरूप चलते हैं। आपको बताते हैं इसकी गणना

- प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष के 15-15 दिन होते हैं।

- जब रात अंधेरी तो कृष्ण पक्ष और जब उजली तो शुक्ल पक्ष।

- पहले दिन को एकम या प्रतिपदा बोला जाता है, फिर द्वितीय या दूज, तृतीया या तीज, चतुर्थी या चौथ, पंचमी, षष्ठी-छठ, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी- तेरस, चतुर्दशी- चौदस।

- कृष्ण पक्ष के अंतिम दिन को अमावस –अमावस्या और शुक्ल पक्ष के अंत को पूनम- पूर्णिमा बोला जाता है।

- छह ऋतुओं के दो- दो माह होते है- बसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमन्त और शिशिर।

- वर्ष में दो अयन होते है जिन्हें दक्षिणायन और उत्तरायण कहते हैं।