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हिंदी कैलेंडर

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19, मार्गशीर्ष
कृष्ण पक्ष, चतुर्थी
2082 सिद्धार्थिन्, विक्रम संवत
Delhi, India
08
December 2025
सोमवार
दिसंबर, 2025 कैलेंडर
रविवार
सोमवार
मंगलवार
बुधवार
गुरुवार
शुक्रवार
शनिवार
S एकादशी
मोक्षदा एकादशी गीता जयन्ती गुरुवायुर एकादशी
S द्वादशी
मत्स्य द्वादशी प्रदोष व्रत
S त्रयोदशी
हनुमान जयन्ती *कन्नड़
S चतुर्दशी
मार्गशीर्ष पूर्णिमा दत्तात्रेय जयन्ती पूर्णिमा उपवास अन्नपूर्णा जयन्ती त्रिपुर भैरवी जयन्ती कार्तिगाई दीपम्
K प्रतिपदा
पौष प्रारम्भ *उत्तर रोहिणी व्रत
K द्वितीया
K एकादशी
सफला एकादशी
K द्वादशी
धनु संक्रान्ति
K त्रयोदशी
प्रदोष व्रत
K चतुर्दशी
मासिक शिवरात्रि
K अमावस्या
पौष अमावस्या दर्शवेला अमावस्या हनुमान जयंती
K अमावस्या
S प्रतिपदा
चन्द्र दर्शन साल का सबसे छोटा दिन
S तृतीया
S चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
S पंचमी
स्कन्द षष्ठी मेरी क्रिसमस
S सप्तमी
गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती मण्डला पूजा
S अष्टमी
मासिक दुर्गाष्टमी शाकम्भरी उत्सवारम्भ
S दशमी
पौष पुत्रदा एकादशी तैलंग स्वामी जयन्ती
S द्वादशी
गौण पौष पुत्रदा एकादशी वैष्णव पौष पुत्रदा एकादशी कूर्म द्वादशी
S त्रयोदशी
प्रदोष व्रत अंग्रेज़ी नव वर्ष रोहिणी व्रत
S चतुर्दशी
हजरत अली का जन्मदिन
S पूर्णिमा
पौष पूर्णिमा शाकम्भरी पूर्णिमा पूर्णिमा उपवास अरुद्र दर्शन
पंचक December, 2025
27-Nov 02:02 PM to 01-Dec 11:18 PM
24-Dec 07:42 PM to 29-Dec 07:40 AM
24-Dec 07:43 PM to 29-Dec 07:40 AM
गण्डमूल December, 2025
09-Dec 02:52 AM to 11-Dec 02:44 AM
18-Dec 08:06 PM to 21-Dec 01:21 AM
28-Dec 08:43 AM to 30-Dec 06:04 AM
भद्रा December, 2025
01-Dec 08:20 AM to 01-Dec 07:01 PM
04-Dec 08:37 AM to 04-Dec 06:40 PM
07-Dec 07:51 AM to 07-Dec 06:25 PM
10-Dec 01:46 PM to 11-Dec 01:45 AM
14-Dec 05:41 AM to 14-Dec 06:49 PM
18-Dec 02:32 AM to 18-Dec 03:47 PM
24-Dec 12:45 AM to 24-Dec 01:11 PM
27-Dec 01:10 PM to 28-Dec 12:39 AM
30-Dec 06:29 PM to 31-Dec 05:00 AM
पंचांग December, 08 2025
सूर्योदय: 07:03:04 AM
सूर्यास्त: 05:25:48 PM
चंद्रोदय: 08:57:57 PM
चंद्रास्त: 10:20:37 AM
विक्रम सम्वत: 2082 सिद्धार्थिन्
शक सम्वत:1947 विश्वावसु
अमान्त महीना:मार्गशीर्ष
पूर्णिमान्त महीना:पौष
वार:सोमवार
पक्ष: कृष्ण
तिथि: चतुर्थी upto 04:03
नक्षत्र: पुष्य upto 02:52
योग: ब्रह्म upto 05:00
करण:बालव upto 04:03
सूर्य राशि:वृश्चिक
चन्द्र राशि:कर्क
राहुकाल:08:18 - 09:36
गुलिक काल:13:31 - 14:49
यमगण्ड:10:54 - 12:13
अभिजित मुहूर्त:11:52 to 11:52
दुर्मुहूर्त: 12:33 - 13:15
दुर्मुहूर्त: 14:38 - 15:20
अमृत काल:20:49 - 22:19
वर्ज्य:15:24 - 05:30

हिंदी कैलेंडर

पौराणिक मान्यता के अनुसार ब्रह्माजी ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही सृष्टि की रचना शुरू की थी। इसी दिन भगवान विष्णु ने दशावतार में से पहला मत्स्य अवतार लेकर प्रलयकाल में अथाह जलराशि में से मनु की नौका को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था। प्रलयकाल समाप्त होने पर मनु से ही नई सृष्टि की शुरुआत हुई।

मासिक पंचांग का चलनप्राचीन काल से प्रमुख स्थान रहा है। कैलेंडर का सबसे प्रमुख उल्लेख वेदों में पाया गया है, जो कि, 1200 ईसा पू से हिंदू नैतिक प्रणाली का प्रमुख आधार है।हिंदू कैलेंडर को बनाने में तारों की सहायता ली गई और सूर्य व चंद्रमा की खगोलीय घटना का सहारा लिया गया। पंचांग के पांच अंगों को जमाया गया। जिसमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के जरिए खगोलीय पिंडों पर नजर रखी जाने लगी। आज खगोलीय घटना को देखने के लिए आकाश की ओर नजर उठाकर देखने की जरुरत नहीं है बल्कि पंचांग की गणनाओं को देखकर भी सबकुछ बताया जा सकता है।

चंद्रमा की गति से दिन और मास का निर्धारण होता है। वहीं सूर्य की गति से वर्ष का निर्धारण होता है। चंद्र मास और सौर वर्ष मिलकर एक विक्रम संवत् बनाते हैं। यह ना केवल तिथि की जानकारी देता है बल्कि यह भी तय करता है कि मौसम इस वर्ष था, ठीक एक वर्ष बाद किस दिन ठीक ऐसा ही मौसम रहेगा।

हमारे त्योहार, उत्सव और उपवास तक हिंदू कैलेंडर के अनुरूप चलते हैं। आपको बताते हैं इसकी गणना

- प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष के 15-15 दिन होते हैं।

- जब रात अंधेरी तो कृष्ण पक्ष और जब उजली तो शुक्ल पक्ष।

- पहले दिन को एकम या प्रतिपदा बोला जाता है, फिर द्वितीय या दूज, तृतीया या तीज, चतुर्थी या चौथ, पंचमी, षष्ठी-छठ, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी- तेरस, चतुर्दशी- चौदस।

- कृष्ण पक्ष के अंतिम दिन को अमावस –अमावस्या और शुक्ल पक्ष के अंत को पूनम- पूर्णिमा बोला जाता है।

- छह ऋतुओं के दो- दो माह होते है- बसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमन्त और शिशिर।

- वर्ष में दो अयन होते है जिन्हें दक्षिणायन और उत्तरायण कहते हैं।