Birthastro Menu

हिंदी कैलेंडर

  • तारीख

  • देश

  • जगह

18, ज्येष्ठ
कृष्ण पक्ष, तृतीया
2081 कालयुक्ति, विक्रम संवत
Delhi, India
24
जून 2024
सोमवार
जून, 2024 कैलेंडर
रविवार
सोमवार
मंगलवार
बुधवार
गुरुवार
शुक्रवार
शनिवार
K पंचमी
अग्नि नक्षत्रम् समाप्त
K सप्तमी
कालाष्टमी
K नवमी
हनुमान जयन्ती *तेलुगू
K एकादशी
अपरा एकादशी
K द्वादशी
वैष्णव अपरा एकादशी
K त्रयोदशी
प्रदोष व्रत मासिक शिवरात्रि
K चतुर्दशी
मासिक कार्तिगाई
K अमावस्या
ज्येष्ठ अमावस्या दर्श-भावुका अमावस्या शनि जयन्ती वट सावित्री व्रत रोहिणी व्रत
S प्रतिपदा
चन्द्र दर्शन
S द्वितीया
S तृतीया
महाराणा प्रताप जयन्ती
S चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
S पंचमी
स्कन्द षष्ठी
S षष्ठी
S अष्टमी
मासिक दुर्गाष्टमी धूमावती जयन्ती
S नवमी
महेश नवमी मिथुन संक्रान्ति
S दशमी
गंगा दशहरा
S एकादशी
गायत्री जयन्ती ईद-उल-जुहा बकरीद
S एकादशी
निर्जला एकादशी रामलक्ष्मण द्वादशी
S द्वादशी
प्रदोष व्रत
S चतुर्दशी
वट पूर्णिमा व्रत पूर्णिमा उपवास साल का सबसे बड़ा दिन
S पूर्णिमा
ज्येष्ठ पूर्णिमा कबीरदास जयन्ती
K द्वितीया
आषाढ़ प्रारम्भ *उत्तर
K चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी
K सप्तमी
कालाष्टमी
पंचक जून, 2024
29-May 08:04 PM to 03-Jun 01:40 AM
26-Jun 01:48 AM to 30-Jun 07:33 AM
गण्डमूल जून, 2024
02-Jun 03:15 AM to 04-Jun 12:04 AM
10-Jun 09:39 PM to 13-Jun 02:11 AM
20-Jun 06:09 PM to 22-Jun 05:54 PM
29-Jun 08:49 AM to 01-Jul 06:26 AM
भद्रा जून, 2024
01-Jun 06:15 PM to 02-Jun 05:04 AM
04-Jun 10:01 PM to 05-Jun 08:56 AM
10-Jun 03:54 AM to 10-Jun 04:15 PM
13-Jun 09:33 PM to 14-Jun 10:48 AM
17-Jun 05:38 PM to 18-Jun 06:24 AM
21-Jun 07:31 AM to 21-Jun 07:08 PM
24-Jun 02:26 PM to 25-Jun 01:23 AM
27-Jun 06:39 PM to 28-Jun 05:33 AM
30-Jun 11:21 PM to 01-Jul 10:26 AM
पंचांग जून, 24 2024
सूर्योदय: 05:25:50 AM
सूर्यास्त: 07:23:49 PM
चंद्रोदय: 09:43:19 PM
चंद्रास्त: 07:14:33 AM
विक्रम सम्वत: 2081 कालयुक्ति
शक सम्वत:1946 क्रोधी
अमान्त महीना:ज्येष्ठ
पूर्णिमान्त महीना:आषाढ़
वार:सोमवार
पक्ष: कृष्ण
तिथि: तृतीया upto 01:23
नक्षत्र: उत्तराषाढा upto 03:54
योग: इंद्र upto 11:50
करण:वणिज upto 02:26
सूर्य राशि:मिथुन
चन्द्र राशि:मकर
राहुकाल:07:08 - 08:53
गुलिक काल:14:08 - 15:53
यमगण्ड:10:38 - 12:23
अभिजित मुहूर्त:11:55 to 11:55
दुर्मुहूर्त: 12:51 - 13:47
Dur Muhurtam: 15:39 - 16:35
अमृत काल:09:48 - 11:19
वर्ज्य:19:40 - 05:30

हिंदी कैलेंडर

पौराणिक मान्यता के अनुसार ब्रह्माजी ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही सृष्टि की रचना शुरू की थी। इसी दिन भगवान विष्णु ने दशावतार में से पहला मत्स्य अवतार लेकर प्रलयकाल में अथाह जलराशि में से मनु की नौका को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था। प्रलयकाल समाप्त होने पर मनु से ही नई सृष्टि की शुरुआत हुई।

मासिक पंचांग का चलनप्राचीन काल से प्रमुख स्थान रहा है। कैलेंडर का सबसे प्रमुख उल्लेख वेदों में पाया गया है, जो कि, 1200 ईसा पू से हिंदू नैतिक प्रणाली का प्रमुख आधार है।हिंदू कैलेंडर को बनाने में तारों की सहायता ली गई और सूर्य व चंद्रमा की खगोलीय घटना का सहारा लिया गया। पंचांग के पांच अंगों को जमाया गया। जिसमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के जरिए खगोलीय पिंडों पर नजर रखी जाने लगी। आज खगोलीय घटना को देखने के लिए आकाश की ओर नजर उठाकर देखने की जरुरत नहीं है बल्कि पंचांग की गणनाओं को देखकर भी सबकुछ बताया जा सकता है।

चंद्रमा की गति से दिन और मास का निर्धारण होता है। वहीं सूर्य की गति से वर्ष का निर्धारण होता है। चंद्र मास और सौर वर्ष मिलकर एक विक्रम संवत् बनाते हैं। यह ना केवल तिथि की जानकारी देता है बल्कि यह भी तय करता है कि मौसम इस वर्ष था, ठीक एक वर्ष बाद किस दिन ठीक ऐसा ही मौसम रहेगा।

हमारे त्योहार, उत्सव और उपवास तक हिंदू कैलेंडर के अनुरूप चलते हैं। आपको बताते हैं इसकी गणना

- प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष के 15-15 दिन होते हैं।

- जब रात अंधेरी तो कृष्ण पक्ष और जब उजली तो शुक्ल पक्ष।

- पहले दिन को एकम या प्रतिपदा बोला जाता है, फिर द्वितीय या दूज, तृतीया या तीज, चतुर्थी या चौथ, पंचमी, षष्ठी-छठ, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी- तेरस, चतुर्दशी- चौदस।

- कृष्ण पक्ष के अंतिम दिन को अमावस –अमावस्या और शुक्ल पक्ष के अंत को पूनम- पूर्णिमा बोला जाता है।

- छह ऋतुओं के दो- दो माह होते है- बसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमन्त और शिशिर।

- वर्ष में दो अयन होते है जिन्हें दक्षिणायन और उत्तरायण कहते हैं।